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भारतीय मीडिया के गवारपन के बाद अब एक बेहद ज़रूरी सवाल। ये पाकिस्तानी जाहाज घुस कैसे गया? इस पर serious deliberation होना चाहिए। हमने ये सौ सौ ठो satellite दिखावन वास्ते छोड़े थे। मैं फ़र्ज़ी ISRO और DRDO को बड़ा सम्मान देता था। इनको बुला के चौराहे पर बेइज़्ज़त करना चाहिए। आंतरिक सुरक्षा का मज़ाक बना के बैठे है हरामखोर।

पाकिस्तान की थल सेना battle hardened हो सकती है लेकिन उसकी वायु सेना तो बिल्कुल बेकार होनी चाहिए। उसके पास अपने satellite तक नही हैं, कोई credible geo location नही है, credible crypto-message भेजने की सुविधा नही है, मतलब आधुनिक सामरिक समझ के हिसाब से कुछ भी नही है।

फिर भी वो दिन में दाखिल हुआ। और बाकायदा भाग भी गया, जब हमने पीछा किया तो हमारे युद्धक विमान पर हमला करके क्षतिग्रस्त कर दिया। अब जरा सोचिए कि अगर कोई पाकिस्तानी फिदायीन F-16 में बैठ के नौशेरा से घुस जाए अमृतसर की ओर। क्या हम रोक पाएंगे?

ये मीडिया में चिल्गोज़र अपने अज्ञान के गीतों में छम्मा छम्मा कर ले लेकिन अब ये चिंता का विषय हो चला है। सामान्य तौर पर मैं युद्ध की पैरवी नही करता। लेकिन आज मैं डर गया हूँ। और वाक़ई डर गया हूँ।

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